सागर (संज्ञा)
खारे पानी की वह विशाल राशि जो चारों ओर से पृथ्वी के स्थल भाग से घिरी हुई हो।
राजा (संज्ञा)
किसी देश का प्रधान शासक और स्वामी।
रज्जु (संज्ञा)
रूई,सन आदि को बटकर बनाई हुई लम्बी चीज़ जो विशेषकर बाँधने आदि के काम आती है।
अमरूद (संज्ञा)
छोटे बीजों वाला एक हरे या पीले रंग का उष्णकटिबंधीय फल जो खाया जाता है तथा जिससे जेली बनाते हैं।
मुर्गा (संज्ञा)
मुर्गी का नर।
अप्रिय (विशेषण)
जो प्रिय न हो।
हस्तगत (विशेषण)
जो किसी प्रकार अपने अधिकार में आया या लाया गया हो।
संताप (संज्ञा)
अत्यंत दुख।
चौराहा (संज्ञा)
वह स्थान जहाँ चार रास्ते मिलते हों।
आकार (संज्ञा)
किसी वस्तु की वे बाहरी और दृश्य बातें जिनसे उसकी लम्बाई, चौड़ाई, प्रकार, स्वरूप आदि का ज्ञान होता है।