పరిచయం


అమర్కోష్.భారత్ वेबसाइट का अनावरण विक्रम सम्वत् २०७७ के श्रावण मास के दूसरे सोमवार को हुआ था। इस वेबसाइट के संस्थापक एवम् सञ्चालक विनोद सिंह हैं। विनोद दीर्घकाल से भारतीय भाषाओं का एक व्यापक ऑनलाइन शब्दकोश बनाना चाहते थे जो पूर्णतः भारतीय भाषाओं में ही हो। कोरोना काल की तालाबन्दी के कारण कुछ अतिरिक्त समय उपलब्ध होने पर विनोद ने इस विषय पर कार्य करना प्रारम्भ किया जिसकी परिणति अमरकोश के रूप में हुई। प्रारम्भ में इस पर केवल हिन्दी एवम् अँग्रेजी के शब्दकोश थे लेकिन कालान्तर में अन्य भारतीय भी भाषाएँ जुड़ने लगीं।

संस्कृति एवम् भाषा एक दूसरे की पूरक होती हैं। भाषा को बचाए बिना संस्कृति का अस्तित्व बचाना लगभग असम्भव है। जब एक भाषा मरती है तब उसके साथ सम्बद्ध संस्कृति भी उसके साथ मर जाती है। दुर्भाग्यवश भारतीय भाषाएँ आधुनिकता की दौड़ में पीछे रह गई हैं। भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवम् संवर्धन के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना अत्यावश्यक है। అమర్కోష్.భారత్ एवम् उससे सम्बद्ध अन्य वेबसाइटें इसी दिशा में एक प्रयास है।


आभार

अमरकोश पर उपलब्ध शब्दकोश मुख्यतः निम्नलिखित स्रोतों पर आधारित है। यद्यपि यहाँ पर उपलब्ध सामग्री मूल स्रोत से भिन्न हो सकती है क्योंकि आवश्यकतानुसार हमने नए शब्द एवम् व्याख्याएँ जोड़ी हैं या उनमें परिवर्तन किये हैं।

भारतीय भाषाएँ

भारतीय भाषाओं के शब्दकोश मुख्यतः भारतीय भाषा प्रौद्योगिकी केन्द्र, आई॰ आई॰ टी॰ मुम्बई द्वारा सङ्कलित इण्डो वर्डनेट पर आधारित हैं। किसी भाषा एवम् उसके विशिष्ट स्त्रोत की जानकारी नीचे उपलब्ध है।

अँग्रेजी वर्डनेट

अँग्रेजी शब्दकोश मुख्यतः प्रिन्सटन यूनिवर्सिटी द्वारा सङ्कलित वर्डनेट के ३.० संस्करण पर आधारित है।